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इंदौर

रेवरा हिल्स जंगल में मंगल…..फार्म हाउस के नाम कटी कॉलोनी





पर्यावरण को नुकसान से बचाने के लिए बनाए लकड़ी के मकानों की जगह तने आलीशान भवन, आधा दर्जन फॉर्म हाउसेस में हैं स्वीमिंग पूल-पार्टी की व्यवस्था

इंदौर। पुलिस ने फॉर्म हाउस में छापा मारा। रेव पार्टी के नाम पर 200 से ज्यादा बिगड़ैल रईसजादों को नशाखोरी और अय्याशी करते पकड़ा। पार्टी की आयोजक पर केस दर्ज हुआ। तलाश जारी है। दूसरी तरफ वन विभाग और जिला प्रशासन हैं, जिन्होंने यह जांचने की कोशिश तक नहीं की कि रालामंडल अभयारण्य की जद में फॉर्म हाउसेस के नाम पर ये कॉलोनी कट कैसे गई? इसी प्रशासनिक खामोशी का फायदा उठाकर लकड़ी के कॉटेज दिखाकर काटी गई इस कॉलोनी में एक के बाद एक आलीशान भवन तन रहे हैं। जिन्हें बनाने की अनुमति न प्रशासन ने दी, न बिहाड़िया पंचायत ने।

मामला बिचौली हप्सी स्थित ग्राम बिहाड़िया का है। गांव के सर्वे नंबर 1/282/1/2/1 और 1/282/1/2/2 की 23.33 एकड़ जमीन पर हिल साइड फॉर्म डेवलपर्स प्रा.लि. (संतोष पिता श्यामसुंदर श्रीवास्तव, अनिल पिता जगदीश मेहता और गौरव पिता अनिल मेहता) और सिग्नेचर क्रिएशन एंड भागीदार (प्रवल पिता अक्षय अरोरा) ने संयुक्त रूप से रिवेरा हिल्स एंड रिसोर्ट के नाम से कॉलोनी काटी थी। ये कॉलोनी रालामंडल अभयारण्य की जद में है। यहां किसी तरह के कंस्ट्रक्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती है, लेकिन यहां फॉर्म हाउसेस के नाम पर एक दर्जन से अधिक भव्य भवन बन चुके हैं। ये बात अलग है कि जब कॉलोनी कटना थी तब वहां लकड़ी के घर बनाए गए थे, ताकि कोई विरोध न करे।

अब लकड़ी के फॉर्म हाउस कम बचे हैं। पक्के निर्माण ज्यादा दिखने लगे हैं। लकड़ी के कुछ फॉर्म हाउसेस जल चुके हैं। टूट चुके हैं। कुछ देखरेख के अभाव में बिखर चुके हैं। कुछ मालिकों ने रंग-रोगन करके सजा रखा है, मानों नए हैं।
अय्याशी का अड‌्डा बन
गई कॉलोनी
कॉलोनी विकसित होने लगी थी तब क्लब हाउस में ही स्वीमिंग पूल था। आज स्थिति ये है कि यहां आधा दर्जन से अधिक फॉर्म हाउस में स्वीमिंग पूल हैं। जहां हर रविवार महफिल सजती है। इक्का-दुक्का फैमेली पार्टी को छोड़ दें तो बाकी हुड़दंग होती है। तेज म्यूजिक बजता है। जिससे वन्य प्राणी भी प्रभावित होते हैं।
डायवर्शन को लेकर
शुरू से रहा विवाद
एक तरफ अभयारण्य से कितनी दूर तक निर्माण को अनुमति नहीं दी जा सकती है? इसे लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन था तब भी जिला प्रशासन ने 2012-13 में कॉलोनी के लिए डायवर्शन कर दिया। 3 अगस्त 2012 को प्रकरण क्र. 436/अ-2/11-12 की सुनवाई के बाद जो आदेश जारी हुआ, उसके अनुसार 985542 वर्गफीट जमीन का आवासीय डायवर्शन हुआ, जबकि 30278 वर्गफीट का व्यावसायिक डायवर्शन हुआ। नामांतरण 10 मई 2011 को हुआ था।

गिरफ्तार चारों उम्मीदवारों ने जिसमें रटा उस विषय में ही अच्छा नंबर

बिहार पुलिस ने नीट पेपर लीक में मामले में 4 उम्मीदवारों को गिरफ्तार किया। इनकी गिरफ्तारी के बाद आज इन सभी उम्मीदवारों की रिजल्ट सामने आए हैं। इस मार्कशीट में साफ दिख रहा कि पेपर लीक के आरोप में जेल भेजे गए सभी 4 अभ्यर्थियों के बहुत अच्छे नंबर नहीं मिले हैं। मार्कशीट देखकर लगेगा कि जिस अभ्यर्थी ने जिस विषय का प्रश्नपत्र और उत्तर रटा उसमें उसे बेहतर अंक मिले, बाकि विषयों में इन सबका प्रदर्शन खराब रहा।
पेपरलीक के आरोप मे जेल भेजे गए सभी 4 अभ्यर्थियों को किसी एक विषय में ही अच्छा नंबर मिले हैं, अन्य विषयों में खराब नंबर मिलने से कुल प्राप्तांक बहुत अच्छा नहीं रहा है। सम्भवत: ऐसा लग रहा कि जिस विषय का उत्तर रटने को मिला उसमें ही सिर्फ अच्छे नंबर मिले हैं। बता दें कि परीक्षार्थी अभिषेक का पटना में केडी कॉन्वेंट स्कूल में सेंटर था। इसे सभी 4 छात्रों में सबसे अधिक 581 नंबर मिले हैं। अभिषेक को फिजिक्स में 96.40, केमेस्ट्री में 95.99 और बायोलॉजी में 95.56 परसेंटाइल आया है। वहीं, गया के शिवनंदन कुमार का परीक्षा केंद्र पाटलिपुत्र स्थित इंटरनेशनल कॉलेज में था। इसे 483 नंबर आए हैं, इसे फिजिक्स में 89.75, केमेस्ट्री में 86.02 और बायोलॉजी में 90.27 परसेंटाइल आया है।

नहाने के दौरान मकान मालिक ने शादीशुदा महिला का बनाया वीडियो, किया दुष्कर्म………..

मल्हारगंज में एक शादीशुदा महिला की शिकायत पर उसके मकान मालिक के खिलाफ रेप और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के मामले में केस दर्ज किया है। आरोपी ने कैफे में मिलने के बहाने बुलाया और रेप किया। इसके बाद उसने कई बार ब्लैकमेल कर संबंध बनाए। परेशान होकर उसने पति को पूरा घटनाक्रम बताया। इसके बाद उसने पति के साथ थाने जाकर केस दर्ज कराया।
मल्हारगंज पुलिस ने 26 साल की एक शादीशुदा महिला की शिकायत पर सतीश के खिलाफ रेप और ब्लैकमेंलिग का केस दर्ज किया है। पीड़िता के मुताबिक आरोपी उसका मकान मालिक है। पीड़िता ने बताया कि वह 8 साल से सतीश के मकान में रह रही है।
मकान मालिक घूरकर देखता था। लेकिन कभी पति या अन्य किसी से उसकी हरकत को लेकर जानकारी नहीं दी। कुछ दिन पहले सतीश ने बाथरूम में नहाते समय अश्लील वीडियो बना लिया। उसने एक दिन मोबाइल पर कॉल किया और कहा कि कुछ बात करनी है। मिलने आ जाओ। इनकार करने पर कहने लगा कि उसका अश्लील वीडियो वायरल कर देगा। पीड़िता ने बताया कि बार-बार कॉल करने से वह डर कर 1 अप्रैल 2024 को बड़े गणपति के सेल्फी कैफे के पास मिलने पहुंची। यहां कैफे में सतीश उसे ऊपर ले गया।
सतीश ने पीड़िता को उसका एक वीडियो दिखाया और कहा कि इसे वायरल कर देगा। इसके बाद कहने लगा कि जैसा कहता हूं। वैसा करो। इसके बाद सतीश ने जबरदस्ती की। रेप करने के बाद उसने फिर से कहा कि यहां का एक और वीडियो बनाया है।

नगर निगम में करोड़ों का भंगार घोटाला

मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कांग्रेस ने की जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग
हिन्दुस्तान मेल, इंदौर
करोड़ों के फर्जी बिल घोटाले के बाद इंदौर नगर निगम में लगातार नए-नए घोटाले सामने आ रहे हैं। 65 करोड़ के बोरिंग घोटाले का आरोप लगाने के बाद अब कांग्रेस महासचिव राकेश यादव ने भाजपा शासित नगर निगम पर करोड़ों रुपए का भंगार घोटाले का आरोप लगाया है।
आरोप है कि इस घोटाले को निगम के स्टोर विभाग ने अंजाम दिया है। कांग्रेस ने घोटालों की शिकायत मुख्यमंत्री कर उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। यह घोटाला कितने करोड़ का है इसका आंकड़ा तो कांग्रेस ने नहीं दिया लेकिन दावा किया गया है कि 5 सालों में करोड़ों का भंगार बिना निविदा के चोरी से बेच दिया गया। इस संबंध में यादन ने मप्र के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच करने के साथ ही आरोपियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
यादव का आरोप है कि कोविड काल में राधा स्वामी सत्संग में बने अस्थायी हॉस्पिटल के 600 पलंग, अलमारी, कुर्सी, टेबल, अस्थायी टेंट सहित सारा नया सामान काबाड़ियों को बिना टेंडर के बेच दिया गया। निगम स्टोर में इस सामान का रिकॉर्ड ही नहीं हैं। निगम के स्टोर विभाग के अधिकारियों और कुछ नेताओं ने इस घोटाले को अंजाम दिया।
करोड़ों के पाइप एंव अन्य भंगार चोरी से तीन कबाड़ी राजू खींची, प्रकाश ठाकुर और ताहिर हसन को बेचा हैं। यह तीनों काबाड़ वाले सालों से बिना निविदा ही करोड़ों का भंगार काफी कम कीमत में खरीदते रहें हैं। यादव ने कहा कि निविदा भी जारी की जाती हैं तो वह ऐसे अखबारों दी जाती हैं जिनकी प्रसार संख्या बहुत ही कम हैं।

आग से नष्ट कर देते हैं सारा रिकॉर्ड
आरोप है कि स्टोर विभाग में फर्जी रिकॉर्ड के रजिस्टर बनाए जाते हैं। हर एक से दो साल में स्टोर में नियमित आग लगती हैं जिसमें सारा रिकॉर्ड नष्ट होना दशार्या जाता हैं। यह स्वत: स्पष्ट हैं की अयोग्य व्यक्तियों को स्टोर में बैठाकर पीछे से करोड़ों का भ्रष्टाचार और घोटाले को अंजाम दिया जा रहा हैं। वहीं निगम स्टोर में 25 सालों से कर्मचारी एक पद पर कैसे कायम हैं।
बोरिंगों की जांच और वीडियोग्राफी करवाएं
वहीं 65 करोड़ से ज्यादा के बोरिंग कांड में कांग्रेस की मांग है कि महापौर को नेता प्रतिपक्ष और एमआईसी सदस्यों की एक कमेटी बनाकर पचास से ज्यादा क्षेत्रों के बोरिंगों की जांच करवानी चाहिए। साथ ही इस जांच की विडियोग्राफ्री भी कराना चाहिए जिससे पता चले की डुप्लीकेट समर्सिबल पंप सहित पीवीसी पाइप एंव घटिया केबल कितने बोरिंगों में ठेकेदार ने जल यंत्रालय के कार्यपालन अफसर संजीव श्रीवास्तव के कहने पर डाले हैं।

खुद का अवैध आलीशान मकान बना रहा जायसवाल

गीता भवन क्षेत्र का होस्टल माफिया संजय जायसवाल खुद का घर बनवा रहा है जो न केवल अवैध है बल्कि इसमें भी एमओएस नहीं छोड़ा गया है यानी वाहनों की पार्किंग सडक पर ही होगी। जाहिर है कि बिना क्षेत्रीय पार्षद के संरक्षण के ये संभव नहीं है।
उल्लेखनीय है कि गीता भवन क्षेत्र में होस्टल माफिया संजय जायसवाल द्वारा अवैध रूप से बनवाए गए करीब 8 होस्टलों की खबर हिंदुस्तान मेल ने प्रकाशित की है जिससे क्षेत्र के होस्टल माफियाओं में हडकंप की स्थिति है। स्वस्थ और स्वच्छ पत्रकारिता के मूल उद्देश्य के तहत होस्टलों की करतूतों को सामने लाया गया है जिसमें क्षेत्रीय पार्षद की भी भागीदारी साफ नजर आती है। अब पता चला है कि जायसवाल क्षेत्र में ही अपना आलीशान घर बना रहा है जो कि पूरी तरह अवैध है। जिस जमीन पर बन रहा है वो कब्जे की बताई जा रही है। निर्माण के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है और न ही नक्शा पास कराया गया है। तीन मंजिला ये आलीशान इमारत में उन्होंने कोई एमओएस नहीं छोड़ा है और सामने की जमीन घेरकर उस पर पार्किंग बनाई जा रही है। रहवासियों का कहना है कि मकान में ड्रैनेज और पानी की पाइप लाइन भी अवैध रूप से जोड़ी जा रही है। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भविष्य में और भी दिक्कतें खड़ी होंगी। उनका कहना है कि उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मामले में पार्षद पति अनिल गौहर का कहना है कि वे कुछ नहीं जानते।

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